Grehan 2025: साल 2025 में कब कब लगेंगे सूर्य और चंद्र ग्रहण? नोट करे तिथियां, और जाने भारत में दिखेंगे कौन से ग्रहण
वर्ष 2025 में कुल चार ग्रहण होंगे, दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। नीचे इन ग्रहणों की तिथियां, समय, भारत में दृश्यता, सूतक काल, ज्योतिषीय प्रभाव और संबंधित उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई है।
1. चंद्र ग्रहण (14 मार्च 2025) तिथि: 14 मार्च 2025, वार शुक्रवार
पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास)
सुबह 9:29 बजे से दोपहर 3:29 बजे तक रहेगा|
यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा
सूतक काल: चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है, अतः यह 13 मार्च 2025 की रात 12:29 बजे से शुरू होगा।
ज्योतिषीय प्रभाव एवं उपाय:
चंद्र ग्रहण के दौरान मन और भावनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। इस अवधि में मानसिक शांति बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपाय करें:
– ग्रहण काल के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से जातक को लाभ प्राप्त होता है ,
* ‘ॐ नमः शिवाय’
* ‘ॐ चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करें।
– ध्यान एवं प्रार्थना:
ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।
– स्नान एवं दान: ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और संभव हो तो दान करें, जैसे अन्न, वस्त्र या धन का दान करें|
2. सूर्य ग्रहण (29 मार्च 2025) तिथि: 29 मार्च 2025, शनिवार
आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास)
समय: दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:16 बजे तक रहेगा
यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है, लेकिन चूंकि यह भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
ज्योतिषीय प्रभाव एवं उपाय:
चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सीधा प्रभाव भारतवासियों पर नहीं पड़ेगा। फिर भी, सामान्य सावधानियां बरतना उचित है:
– ग्रहण काल के दौरान मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करें।
– भोजन संबंधी सावधानियां: ग्रहण काल में भोजन करने से बचें और पहले से तैयार भोजन में तुलसी के पत्ते डालकर रखें।
3. चंद्र ग्रहण (7-8)सितंबर 2025
वार रहेगा रविवार-सोमवार
पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास)
रात 10:52 बजे से सुबह 4:28 बजे तक रहेगा
भारत में दृश्यता: यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा।
सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पूर्व, यानी 7 सितंबर 2025 की दोपहर 1:52 बजे से प्रारंभ होगा।
ज्योतिषीय प्रभाव एवं उपाय:
इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से मानसिक और भावनात्मक स्तर पर हो सकता है। निम्नलिखित उपाय अपनाएं:
– ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
– ध्यान और योग अभ्यास से मानसिक संतुलन बनाए रखें।
– स्नान एवं दान: ग्रहण के बाद स्नान करें और जरूरतमंदों को दान दें।
4. सूर्य ग्रहण (21 सितंबर 2025) तिथि: 21 सितंबर 2025, वार रविवार आंशिक सूर्य ग्रहण (खंडग्रास) समय सुबह 8:02 बजे से दोपहर 11:00 बजे तक रहेगा|
यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा|
सूतक काल: चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
भारत में दृश्य न होने के कारण, इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होगा। फिर भी, आध्यात्मिक गतिविधियों में संलग्न रहना लाभकारी हो सकता है।
ग्रहण के दौरान सामान्य सावधानियां:
ग्रहण काल में भोजन करने से बचें। पहले से तैयार भोजन में तुलसी के पत्ते डालकर रखें। ग्रहण काल में मूर्तियों का स्पर्श न करें और मंदिर के द्वार बंद रखें।
ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतें। इस दौरान बाहर न निकलें, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्य न करें और धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और घर की सफाई करें।
इन उपायों का पालन करके आप ग्रहण के संभावित नकारात्मक प्रभावों से बच सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।